यदि आपका किसी भी बैंक में बैंक खाता है तो आपको यह खबर जरूर जान लेनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस रखने के नियमों में फेरबदल किया है। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी बैंक उन खातों पर मिनिमम बैलेंस के नाम पर पेनल्टी नहीं लगा सकता है, जो कि 2 साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े हैं।

नए नियमों की मुख्य बातें

  • अब कोई भी बैंक उन खातों पर मिनिमम बैलेंस के नाम पर पेनल्टी नहीं लगा सकता है, जो कि 2 साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े हैं।
  • स्कॉलरशिप या डायरेक्ट बेनिफिट के रूप में खोले गए खातों को बैंक निष्क्रिय खातों के रूप में नहीं दिखा सकते हैं।
  • बैंकों को अपने कस्टमर्स को एसएमएस, लेटर या मेल के जरिये उनके निष्क्रिय खातों के बारे में जानकारी देनी होगी।
  • यदि खाता मालिक जवाब नहीं देता है तो बैंक को उस व्यक्ति से संपर्क करना होगा, जो खाता धारक नॉमिनी का परिचित होगा।
  • निष्क्रिय खातों को दोबारा एक्टिव करने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।

नए नियमों के कारण

RBI ने इन नए नियमों को लागू करने का निर्णय बैंकिंग प्रणाली में लावारिस जमा (unclaimed deposits) की राशि को कम करने के लिए लिया है। मार्च 2023 तक लावारिस जमा की राशि 42,272 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। नए नियमों के लागू होने से उम्मीद है कि यह राशि कम होगी।

नए नियमों के प्रभाव

नए नियमों के प्रभाव से उन लोगों को सबसे अधिक फायदा होगा जिनके बैंक खाते 2 साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े हैं। ऐसे खाताधारकों को अब मिनिमम बैलेंस की चिंता नहीं करनी होगी। इसके अलावा, बैंकों को भी निष्क्रिय खातों से होने वाले नुकसान से बचने में मदद मिलेगी।

RBI के नए नियम बैंकिंग प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन नियमों से बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, इससे लावारिस जमा की राशि को कम करने में भी मदद मिलेगी।

नए नियमों के अनुसार, बैंकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा:

  • बैंक को निष्क्रिय खातों की पहचान करने के लिए एक सिस्टम विकसित करना होगा।
  • बैंक को निष्क्रिय खातों के मालिकों को एसएमएस, लेटर या मेल के जरिये जानकारी देनी होगी।
  • यदि खाता मालिक जवाब नहीं देता है तो बैंक को उस व्यक्ति से संपर्क करना होगा, जो खाता धारक नॉमिनी का परिचित होगा।
  • यदि खाताधारक या नॉमिनी से संपर्क नहीं हो पाता है तो बैंक को खाता बंद कर देना होगा।

मान लीजिए कि आपका एक बचत खाता है जो पिछले 2 साल से निष्क्रिय पड़ा है। नए नियमों के अनुसार, अब बैंक आपके खाते पर मिनिमम बैलेंस के नाम पर कोई पेनल्टी नहीं लगा सकता है। इसके अलावा, बैंक को आपको एसएमएस, लेटर या मेल के जरिये यह जानकारी देनी होगी कि आपका खाता निष्क्रिय हो गया है। यदि आप खाते को दोबारा सक्रिय करना चाहते हैं तो आपको बैंक को सूचित करना होगा।

RBI के नए नियम बैंकिंग प्रणाली के लिए एक सकारात्मक कदम हैं। इन नियमों से बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, इससे लावारिस जमा की राशि को कम करने में भी मदद मिलेगी।

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