23 जनवरी 2024, नई दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर में देर रात 11 बजकर 39 मिनट पर 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र किर्गिस्तान-चीन सीमा पर बताया जा रहा है। भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर भारत के कई इलाकों में भी महसूस किए गए।

भूकंप से दिल्ली-एनसीआर में दहशत का माहौल फैल गया। लोग घरों से बाहर निकलकर खुली जगह पर खड़े हो गए। भूकंप के झटके इतनी देर तक चले कि लोगों को लगा कि यह कभी खत्म नहीं होगा।

भूकंप के कारण अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। भूकंप के झटकों से कई इमारतें और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

भूकंप के बाद दिल्ली सरकार ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

भूकंप के कारणों पर वैज्ञानिकों की राय

भूकंप के कारणों पर वैज्ञानिकों की अलग-अलग राय है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह भूकंप प्लेट्स के टकराने के कारण आया है। जबकि, कुछ अन्य वैज्ञानिकों का मानना है कि यह भूकंप ज्वालामुखी विस्फोट के कारण आया है।

प्लेट्स के टकराने के कारण भूकंप

पृथ्वी की सतह पर कई प्लेटें हैं। ये प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं। जब दो प्लेटें एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं और टकराते हैं, तो उस स्थान पर भूकंप आता है।

ज्वालामुखी विस्फोट के कारण भूकंप

जब ज्वालामुखी विस्फोट होता है, तो उस समय भूकंप का कारण बन सकता है। ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान निकलने वाला लावा और गैसें पृथ्वी की सतह के नीचे की प्लेटों को हिला सकते हैं और भूकंप का कारण बन सकते हैं।

भूकंप से बचाव के उपाय

भूकंप से बचाव के लिए कुछ उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने और अपने परिवार की जान बचा सकते हैं।

  • भूकंप के आने की आशंका होने पर घरों में मजबूत फर्नीचर के पास खड़े हो जाएं।
  • यदि बिस्तर पर हैं तो बिस्तर के नीचे छिप जाएं।
  • यदि बाहर हैं तो किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
  • भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें।

भारत में भूकंप का खतरा

भारत भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है। यहां भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है। इसलिए, हमें भूकंप के बारे में जानकारी रखनी चाहिए और भूकंप से बचाव के उपाय भी अपनाने चाहिए।

भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य

भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य करना बहुत महत्वपूर्ण है। भूकंप के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाना चाहिए। घायल लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जानी चाहिए। और क्षतिग्रस्त संपत्तियों का पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।

भूकंप से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • भूकंप की तीव्रता को रिक्टर पैमाने पर मापा जाता है।

    दिल्ली-एनसीआर में 7.2 तीव्रता का भूकंप, भारी तबाही की आशंका

    देर रात 11 बजकर 39 मिनट पर धरती कांप उठी

    किर्गिस्तान-चीन सीमा पर आया भूकंप, दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में महसूस किए गए झटके

    लोगों में दहशत का माहौल, घरों से बाहर निकलकर खुली जगह पर खड़े हुए लोग

    भूकंप से भारी तबाही की आशंका, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं

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