भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह उथल-पुथल का माहौल रहा। इस दौरान BSE Sensex में 1144.8 अंक या 1.57 फीसदी की गिरावट आई। इसके साथ ही बीएसई की टॉप 10 कंपनियों में से 5 की मार्केट वैल्यू गिरी है। इन कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में 1,67,936.21 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। इनमें से सबसे ज्यादा हानि HDFC बैंक के निवेशकों को हुई है।

HDFC बैंक का शेयर 12% टूटा

पिछले एक सप्ताह में HDFC बैंक के शेयर काफी सुर्खियों में रहे। इस बैंक के शेयरों में एक या दो दिन नहीं बल्कि तीन दिन तक गिरावट दर्ज की गई। इस स्थिति में बैंक स्टॉक एक्सचेंज 12% तक टूट गया। इस दौरान बैंक के शेयरों में पैसा लगाने वाले निवेशकों को काफी हानि उठानी पड़ी है। शेयर टूटने के कारण HDFC बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन कम होकर 11,22,662.76 करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह से इस बैंक के निवेशकों के 1,22,163.07 रुपये डूब गए।

कंपनियों को भी हुआ है घाटा

पिछले एक सप्ताह में HDFC बैंक बैंक को ही नहीं बल्कि रिलायंस इंड्रस्टीज को भी घाटा उठाना पड़ा है। इस दौरान रिलायंस का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 18,35,665.82 करोड़ रुपये रह गया है। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट वैल्यू घटकर अब 5,80,184.57 करोड़ रुपये रह गई है। इनके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का एमकैप की घटा है। इस कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,12,613.37 करोड़ रुपये रह गया है। एसबीआई की मार्केट वैल्यू भी घटी है जो की कम होकर अब 5,63,589.24 करोड़ रुपये रह गई है।

LIC ने की कमाई

एक और जहां HDFC से लेकर रिलायंस तक को घाटा हुआ है वहीं इस दौरान देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC का एमकैप बढ़कर 5,92,019.78 करोड़ रुपये पर पहुँच गया है। मार्केट वैल्यू के हिसाब से अब LIC SBI को पीछे छोड़ते हुए अब देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। आपको बता दें की बीते सप्ताह में LIC के निवेशकों ने 67,456.1 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसके अलावा भारती एयरटेल का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 6,31,679.96 करोड़ रुपये हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक एमकैप भी बढ़कर 3,163.72 करोड़ की बढ़त के साथ 7,07,373.79 रुपये हो चुका है। इसके अलावा ITC Market Cap भी बढ़कर 5,84,170.38 करोड़ रुपये तक आ पहुंचा है।

कारण क्या हैं

भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह आई उथल-पुथल के कई कारण हैं। इनमें से एक कारण है बढ़ती महंगाई। महंगाई के कारण लोगों की उपभोग क्षमता कम हो रही है, जिससे कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो रही है। इसका असर इन कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ रहा है।

दूसरा कारण है विश्व अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका। दुनिया भर में बढ़ती ब्याज दरों और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण मंदी की आशंका बढ़ रही है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है।

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