नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नॉन-कॉलेबल एफडी पर समय से पहले निकाले जा सकने वाली राशि को बढ़ा दिया है। अब 15 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए तक की राशि समय से पहले निकाली जा सकेगी। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

नॉन-कॉलेबल एफडी वह एफडी है जिसमें समय से पहले पैसे निकालने पर जुर्माना लगता है। यह जुर्माना राशि की 1% से 2% तक हो सकता है। हालांकि, RBI के इस नए नियम के बाद जुर्माने में कमी होने की उम्मीद है।

नए नियम के कुछ प्रमुख बिंदु:

  • समय से पहले निकाले जा सकने वाली राशि 15 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की गई है।
  • यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
  • इससे निवेशकों को नकदी की जरूरत पड़ने पर राहत मिलेगी।
  • जुर्माने में भी कमी होने की उम्मीद है।

नए नियम का निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

नए नियम के बाद निवेशकों को नकदी की जरूरत पड़ने पर राहत मिलेगी। अब उन्हें 15 लाख रुपए से अधिक की राशि के लिए समय से पहले एफडी तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उन्हें जुर्माने से भी बचना होगा।

साथ ही, इस बदलाव से जुर्माने में भी कमी होने की उम्मीद है। इससे निवेशकों को और अधिक राहत मिलेगी।:

मान लीजिए कि एक निवेशक ने 5 साल की अवधि के लिए 1 करोड़ रुपए की नॉन-कॉलेबल एफडी में निवेश किया है। यदि उसे 3 साल बाद नकदी की जरूरत पड़ती है, तो वह अब 1 करोड़ रुपए तक की राशि समय से पहले निकाल सकता है। इससे उसे जुर्माने से बचने में मदद मिलेगी।

RBI के इस फैसले का स्वागत किया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे निवेशकों को नकदी की जरूरत पड़ने पर राहत मिलेगी और साथ ही, जुर्माने में भी कमी होने की उम्मीद है।

नए नियम के बाद निवेशकों को क्या करना चाहिए?

यदि आपके पास नॉन-कॉलेबल एफडी है और आपको नकदी की जरूरत है, तो आप 1 करोड़ रुपए तक की राशि समय से पहले निकाल सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक से संपर्क करना होगा।

ध्यान रखें कि समय से पहले पैसे निकालने पर जुर्माना लग सकता है। इसलिए, यदि आपके पास पर्याप्त नकदी है, तो एफडी समय पर मैच्योर होने तक रखें। इससे आपको अधिक ब्याज मिलेगा और जुर्माने से भी बचेंगे।

इस नए नियम से निवेशकों को नकदी की जरूरत पड़ने पर अधिक लचीलापन मिलेगा। इससे उन्हें अपनी वित्तीय योजनाओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।

साथ ही, इस बदलाव से जुर्माने में कमी होने की उम्मीद है। इससे निवेशकों को अधिक लाभ होगा।

इस नए नियम का निवेशकों के लिए निम्नलिखित लाभ हो सकते हैं:

  • नकदी की जरूरत पड़ने पर अधिक लचीलापन
  • बेहतर वित्तीय योजना प्रबंधन
  • कम जुर्माना

यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो निवेशकों के हितों की रक्षा करता है।

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