*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से शुरू की गई कई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनका उद्देश्य पूरे देश से जोड़ना है। उनमें से दो प्रमुख ट्रेनें हैं – अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस, जो दिल्ली और अयोध्या को जोड़ती हैं। भारतीय रेलवे का यह नया योजनात्मक और सुधारित संस्करण, जिसमें सिर्फ जनरल और स्लीपर कोच होते हैं, अमृत भारत एक्सप्रेस अपनी विशेषता में बहुत हटकर खड़ी है।

अमृत भारत एक्सप्रेस: एक तकनीकी चमत्कार

तेजगति संयोजन

मौजूदा स्लीपर ट्रेनों के समान, अमृत भारत एक्सप्रेस न केवल गति बनाए रखती है बल्कि स्टेशनों के बीच दूरी को भी तेजी से कवर करती है। रेल मंत्री आश्विनी वैष्णव ने इस पूर्वगामी ट्रेन के बारे में विवरण दिया, इसकी अनूठी विशेषताओं और गतिशील गंतव्य पहुंचाने की प्रतिबद्धता को मुद्दों में लाया।

भारतीय रेलवे के दोहरे ट्रेन संचालन

भारतीय रेलवे वर्तमान में दो प्रकार की ट्रेनों का संचालन कर रहा है: जिसमें इंजन लगता है, जैसे कि शताब्दी और राजधानी, और दूसरा ट्रेन सेट, जिसमें वंदे भारत और ईएमयू ट्रेनें शामिल हैं।

पुश-पुल तकनीक: ‘इंट्रोड्यूस’ का परिचय

भारतीय रेलवे ने ट्रेन सेट में एक नई पुश-पुल तकनीक पेश की है, जिसे ‘इंट्रोड्यूस’ कहा जाता है। सामान्य नागरिकों और श्रमिकों के लिए डिज़ाइन की गई अमृत भारत एक्सप्रेस में स्लीपर और जनरल क्लास कोच शामिल हैं। मंत्री आश्विनी वैष्णव ने इसे देश में पुश-पुल तकनीक का पहले इस्तेमाल की जाने वाली ट्रेन के रूप में उचितारित किया।

वंदे भारत का संशोधित संस्करण

अगले और पिछले दो कोचों को जोड़ने के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस को वंदे भारत का संशोधित संस्करण माना जा सकता है। इसमें दो इंजनों की स्थिति मुक़ाबला की जा सकती है, जिससे ट्रेन स्पष्टतः धीमी होती है और जब ट्रेन धीमी होगी, तो वह जल्दी से गति पकड़ सकेगी।

यह रेल यातायात के नए मापदंड को स्थापित करके न केवल जुड़ाव को सुधारता है बल्कि भारतीय रेलवे की क्षमता में भी सुधार का प्रतीक है। अमृत भारत एक्सप्रेस के साथ, यात्री दिल्ली और अयोध्या के बीच एक सुगम और तेज यात्रा का आनंद ले सकते हैं, जो रेल परिवहन में एक नया मानक स्थापित करती है।

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