सुबह की ठंडक और घना कोहरा ने चुरू जनता को एक नए अंदाज में सर्दी का सामना करना पड़ा। शनिवार को धूप की कमी से लोग अपने घरों में ही बुनकर रहे, जिससे ठंड से बचने का प्रयास किया गया। जिले में रविवार को भी एक सुबह चौथे दिन गहरे कोहरे में लिपटा रहा, जिससे वाहनों को हेडलाइट के साथ चलना पड़ा।

लोगों ने अलाव से पाया सहारा

सर्द हवाओं की जमीन पर लोगों ने अलाव का सहारा लिया। इस दिन तापमान में 2.7 डिग्री की गिरावट होने के बावजूद, लोगों ने सर्दी से बचने के लिए कई उपायों का सहारा लिया। वाहन चालकों को सर्द हवाओं की वजह से सुबह के समय तकलीफ हो रही थी, जो उन्हें देरी से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर दिया।

चाय की थड़ियों और चाट पकोड़ी के ठेलों में भीड़

सुबह के समय ठंडी की बुँदों के साथ, चाय की थड़ियों और चाट पकोड़ी के ठेलों में भी भारी भीड़ दिखी। रविवार को बाजार में सन्नाटा रहा, क्योंकि लोग अपने घरों में रहकर सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान, पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम में भी परिवर्तन हुआ, और नए तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार तापमान में गिरावट

प्रदेश के मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री था। इसके साथ ही, क्षेत्र में मावठ की बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी की मुस्कान देखने को मिली। किसान इसे फसलों के लिए एक अच्छे समय की निशानी मान रहे हैं, और उम्मीद है कि मौसम में और सुधार होगा।

FAQs:

  1. क्या चुरू में ठंड का मौसम असामान्य है?
    • हां, इस समय में चुरू में असामान्य ठंड और कोहरा है।
  2. लोगों ने सर्दी से बचने के लिए कौन-कौन से उपाय किए?
    • लोगों ने अलाव का सहारा लिया और विभिन्न उपायों का अनुसरण किया, जैसे कि चाय की थड़ियों और चाट पकोड़ी के ठेलों में भी।
  3. मौसम विभाग के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ का क्या प्रभाव हुआ?
    • नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम में परिवर्तन हुआ और तापमान में गिरावट दर्ज की गई

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