Uploading of TikTok belly dance was expensive

काहिरा। शॉर्ट वीडियो ऐप प्लेटफार्म TikTok दुनिया के कई देशों में मशहूर है। इस ऐप के करोंड़ों यूजर है। दरअसल मिस्त्र की एक फेसम बेली डांसर सामा एल-मैसी को सोशल मीडिया पर अनैतिक और उत्तेजित वीडियो पोस्ट करना मंहगा पड़ गया। रविवार को काहिरा की एक कोर्ट ने मैसी पर लोगों को दुर्व्यवहार और अनैतिकता के लिए उकसाने के आरोप में तीन साल जेल की सजा और 30 हजार पाउंड (करीब 14 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है।

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रिपोर्ट में बताया जा रहा कि, मैसी को अप्रैल में सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरों की जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपने वीडियो को वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक (Tik-Tok) पर शेयर किया था जिसमें सार्वजनिक रूप से लोगों की उत्तेजना को बढ़ाने का आरोप लगाया गया था।

डांसर सामा एल-मैसी ने दी सफाई

वहीं 42 वर्षीय बेली डांसर सामा एल-मैसी ने इन आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि फोन से वो वीडियो चोरी कर ली गई थी और बिना सहमति के साझा की गई थी।

काहिरा के अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि उसने “अनैतिकता” फैलाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया। दोषी ने मिस्र में परिवार के सिद्धांतों और मूल्यों का उल्लंघन किया था। इसके साथ ही कोर्ट ने मैसी पर लोगों को दुर्व्यवहार और अनैतिकता के लिए उकसाने के आरोप में तीन साल जेल की सजा और 30 हजार पाउंड (करीब 14 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है।

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वहीं कोर्ट के इस फैसले को लेकर वहां के एक संसद सदस्य जॉन तलाट ने कहा, “स्वतंत्रता और भ्रामकता के बीच बहुत बड़ा अंतर है। एल-मैसी और अन्य महिलाएं सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर पारिवारिक मूल्यों को बर्बाद कर रही थीं जो संविधान के खिलाफ है।