This is the reason for earthquake and tsunami

नई दिल्ली: दुनियों में कई तरह से प्राकृतिक आपदाएं आती है। इसके आने कारण पर वैज्ञानिक लगातार शोध करते रहते है। वही भूकंप और सुनामी आने को लेकर एक शोध में नई जानकारी हाथ लगी है । एक अध्ययन में पहली बार इस बात के प्रमाण मिले हैं कि पृथ्वी की गहराइयों में पानी की गतिविधि का भूकंप और सुनामी का गहरा संबंध है।

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इस शोध को लेकर नेचर जर्नल में एक शोध प्रकाशित हुआ है। जिसमें वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम पृथ्वी की गहराई के जल चक्र का मैग्मा उत्पादन और भूकंपीय गतिविधियों से सीधा संबंध है। इस शोध में शोधकर्ताओं ने खास टेक्टोनिक प्लेटों का अध्ययन कर उनके किनारों पर पानी की गतिविधि का अध्ययन किया।

शोध के मुताबिक, पानी और दूसरे वाष्प होने वाले पदार्थ जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर, पृथ्वी की गहराइयों में एक चक्र की तरह घूमते हैं। इनका हमारे ग्रह के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। इसमें महाद्वीपों का निर्माण, जीवन का आरंभ खनिजों का जमाव और ज्वालामुखी एवं भूकंप को वितरण तक में योगदान है।

इस शोध के प्रमुख लेखक डॉ जॉर्ज कूपर ने कहा, “पानी समुद्र में इन सबडक्शन जोन में दरारों, फॉल्ट्स, खनिजों से जुड़कर और अन्य तरीकों के जरिए जमीन की गहराइयों में पहुंच जाता है। यहां पहुंचने पर पानी गर्म होकर आसपास की चट्टानों का गलन बिंदु (Melting point) कम करता है और इससे मैग्मा बनाता है। यह मैग्मा ऊपर उठता है और फिर ज्वालामुखी गतिविधियों से पानी के साथ पृथ्वी की सतह पर आता है। इसी प्रक्रिया से भूकंप भी पैदा हो सकते हैं। ये गतिविधियां भूकंप की तीव्रता और सुनामी के पैदा होने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। बता दे कि इस शोध को ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ अर्थ साइंस ने किया है।

कैरेबियन सागर में किया गया शोध
ये पदार्थ कैसे और कहां निकलते हैं यह अब भी गहन शोध का विषय है। ज्यादातर शोधों में ध्यान प्रशांत महासागर स्थिति पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर दिया गया है, लेकिन इस शोध में अटलांटिक प्लेट की लेसर एंटलीज वॉल्केनिक आर्क पर ध्यान दिया गया जो कैरेबियन सागर के पूर्वी इलाके में स्थित है।

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शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जिन इलाकों के नीचे पानी की मात्रा ज्यादा है उन्हीं इलाकों में मैग्मा ज्यादा बनता है। यह भूगर्भीय ऐतिहासिक आंकड़ों से भी पता चलता है। वही शोध कर्ता इसको विस्तार से समझ रहे है।