6 lakh people lost jobs in corona crisis

नई दिल्ली: कोरोना संकट में दुनिया के लगभग सभी देशों में कहर बरपा रहा है। लॉकडाउन के वजह से कारोबार ठप्प पड़ा है। विगड़ी अर्थव्यवस्था से कंपनियों की हालात बिगड़ती जा रही है। अमेरिका के बाद अब ऑस्ट्रेलिया में भी बेरोज़गारी ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। यहां अप्रैल महीने में 5.2% से बढ़कर 6.2% हो गई है। जिससे हालात बिगड़ते जा रहे है।

अर्थशास्त्रियों ने ऑस्ट्रेलिया में बेरोज़गारी का 8.3% का अनुमान लगाया था जिससे ये कम है। अभी भी 60 लाख ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सरकार से पे-सब्सिडी हासिल मिल रही है। 10 लाख ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने बेरोज़गारी भत्ता के लिए आवेदन किया है। दोनों को मिला दें तो यह 40 फ़ीसदी वर्कफ़ोर्स है।

ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि बहुत मुश्किल भरे दिन हैं। यह हैरान करने वाला है लेकिन अप्रत्याशित नहीं है। स्कॉट मॉरिसन ने कहा, ”आने वाले महीनों में हालात ख़राब ही रहेंगे लेकिन लॉकडाउन में ढील देने से चीज़ें बेहतर होने की उम्मीद है. सरकार का अनुमान है कि बेरोज़गारी दर जून तक 10 फ़ीसदी जाएगी और इसी अवधि में जीडीपी में भी 10 की गिरावट आएगी।

 

कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे दुनिया के लिए नई दूसरी रहस्यमयी बीमारी सिर उठा रही है।  ब्रिटेन में इस बिमारी के लक्षण सामने आए है। अब एक इस बीमारी के निशाने पर बच्चे हैं और अब तक तकरीबन 100 बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस बीमारी से संक्रमित मरीज़ों की तादाद बहुत ज्यादा हो सकती है। इस संक्रमित बीमारी का नाम कावासाकी रखा गया है और इसके संक्रमण को कोरोनावायरस से जोड़ कर देखा जा रहा है। वही वैज्ञानिक अब इस संक्रमण को लेकर जांच करने में जुट गए है।