तेरा घमंड जरूर चूर चूर होगा…एक अबला के पीछे पूरी सरकार

डा. उरुक्रम शर्मा: निकृष्टता की सारी हदें पार कर दी? कितने घमंड़ी हो गए? कहीं से भी नहीं लगता कि बाला साहेब ठाकरे तुम्हारे पिता हैं? एक अबला के पीछे पूरी सरकार औऱ पुलिस को लगा दी, बेशर्मी की हद है। इतना भी गिर जाओगे, सत्ता मद में सोचा तक नहीं था। बाल ठाकरे आज खून के आंसू रो रहे होंगे, किस अयोग्य, अज्ञानी के हाथों विरासत सौंप दी। वैसे उद्धव तुम्हारा दोष नहीं है, शिव सेना की स्थापना ही हिंसा के साथ हुई है।

उत्तर भारतीयों पर जितना अत्याचार तुम्हारे कार्यकर्ताओं ने किया, उसे सारा देश जानता है। गरीबों को लूटना औऱ मारापीटी करना यह ही काम है तुम्हारे कार्य़कर्ताओं का। रंगदारी, हफ्ता वसूली, गुण्डागर्दी के अलावा सिखाया भी क्या है? संज राउत और तुम इटली की बार बाला के तलवे चाटने पहुंचे। दण्डवत होकर भीख मांगी। बाला साहेब के सारे सिद्धांतों की अर्थी निकाल दी। कंगना ने क्या गलत कहा? उसने जो कहा, उस पर सरकार डुबोने का ठेका ले चुके संजय राउत ने मोहर औऱ लगा दी। आनन-फानन में कंगना के दफ्तर पर बुलडोजर चलाया। वैसे बात किसी अवैध निर्माण तोड़ने की नहीं है, बात है इसके तौर तरीके की।जो कहीं से भी जायज नहीं है।

अरे, गीदड़ को भी कहीं का राजा बना दो तो इससे ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती है। एक महिला से लड़ने को सारी ताकत झोंक दी। उसे हरा तो नहीं सके, बल्कि मुंह की खा ली। हाईकोर्ट ने तोड़फोड़ पर रोक लगा दी। तुम्हें सिर्फ एक यही अवैध निर्माण नजर आया। अरे, तुमने मातोश्री में कितना अवैध निर्माण कर रखा है, उसकी जानकारी भी तो दे दो, उसे कब तुड़वा रहे हो? या उसे तोड़ने के लिए भी कंगना को कार सेवा शुरू करनी होगी? मुंबई के करीब 95 हजार अवैध निर्माण तुम्हें क्यों नहीं नजर आए? नए वाले मातोश्री में स्वीकृति से अधिक निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की दहलीज पर जाकर कितनी बार उद्धव ठाकरे माथा ठेका था, याद ही होगा ना? बात निकली है तो दूर तल्क जाएगी।

कंगना से पंगा लेकर तुमने अपनी विरासत को डुबोने का पूरा काम कर दिया। इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी होगी, तुमने अंदाजा भी नहीं लगाया होगा। तुम्हारी मुंह बोली बहन प्रियंका के शिमला वाले बंगले का अब क्या होगा? जब उसे तोड़ा जाएगा तो इटली वाली रानी तुम्हें बख्श देगी? वहां तो जो सरकार है, वो इसे छोड़ने वाली नहीं है। सीबीआई, ईडी औऱ इनकम टैक्स से कब तक अपने नेताओं औऱ अफसरों को अब बचाओगे, जंग तुमने जरूर शुरू की है, लेकिन खत्म अब मोटा भाई के हाथों ही होगी। अंडरवर्ल्ड से लेकर तमाम तरह की माफियागिरी से ताल्लुकात अब घेरे में आएंगे। तुमने बड़ी बहादुरी की कंगना की गैर मौजूदगी में उसके दफ्तर को तोड़कर। कंगना के लिए तो तुमने लाल कालीन बिछाकर राजनीति सौंप दी, अब यही कंगना संजय राउत औऱ तुम्हारे लिए गले की फांस बन गई।

कंगना के बारे में जिस तरह का संजय राउत औऱ तुम्हारे चेहतों ने बोला, जिस तरह से उसे धमकी दी, जितना उसका चरित्र हनन किया, उससे देश का समूचा महिला वर्ग तुम्हें कोस रहा है। अगला चुनाव तो समझो, सिमट गया। पहली औऱ अंतिम पारी है यह। संजय राउत के लिए भी अब लोगों का विरोध झेलना आसान काम नहीं होगा, चाहे वो मुंबई पुलिस का कितना भी सुरक्षा घेरा लेकर निकले। ध्यान रखना जब क्रांति आती है तो सैलाब लेकर आती है, वो राजा औऱ रंक को नहीं देखती है।

तुम्हारे लिए स्थिति अब इधर गिरो तो कुआं औऱ उधर गिरो तो खाई वाली है। हिन्दुत्ववादी विचारधारा से किनारा करके पहले ही मटियामेट करवा चुके, बचा जो वो कंगना प्रकरण ने कर दिया। कंगना के साथ अब देश खड़ा है औऱ तुम्हारे साथ संजय राउत औऱ कुछ चमचे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस किसी भी दिन अपने हाथ खींच लेगी, तब क्या होगा सोच लो। कोई बड़ी बात नहीं कि जो सुरक्षा केन्द्र से मिली हुई है, वो खत्म हो जाए। वैसे यह तो तय है कि वक्त का पहिया थमता नहीं, तेरा घमंड जरूर चूर चूर होगा।

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