Bihar Assembly Elections: क्या आरजे़डी लालू यादव के बिना विधानसभा चुनाव में उतरेगी, इस मामले में बेल की उम्मीद कम!

पटना. Bihar Assembly Elections राज्य में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सियासा पारा चढ़ रहा  है। ऐसे में सभी पार्टियों ने अपने गढ़जोड़ को लेकर काम तेज कर दिए है। खास तौर से मुख्य विपक्षी दल आरजेडी की रणनीति क्या रहेगी इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बिहार चुनाव से पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के न्यायिक हिरासत से बाहर आने की संभावनाएं कम ही नजर आ रही हैं। उनकी अनुपस्थिति पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।

अब तक चारा घोटाले से जुड़े चार मामलों में सजायाफ्ता आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने दो मामलों में जमानत हासिल की है। हालांकि, तीसरे मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई को झारखंड हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। इस मामले में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चौथे मामले में अभी उन्हें जमानत याचिका फाइल करना है।

दो मामले में मिली जमानत, तीसरी में 9 अक्टूबर को सुनवाई
लालू प्रसाद यादव की जमानत को लेकर वकील कपिल सिब्बल मीडिया को बताया, ‘जज मामले में इस सिद्धांत को लागू कर रहे हैं कि अपनी आधी सजा पूरी करने के बाद ही वो जमानत के पात्र होंगे और मुझे पिछले शुक्रवार की सुनवाई में बताया गया कि उनकी गणना के मुताबिक अभी भी लालू यादव की आधी सजा काटने में 26 दिन बाकी थे।’

उन्होंने आगे कहा ‘इसलिए, हमने न्यायाधीश को 90 मिनट की सुनवाई के बाद इसे 9 अक्टूबर तक स्थगित करने के लिए कहा। हालांकि, सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि हमें जमानत बिल्कुल नहीं मिल सकती है।’ दूसरी ओर लालू यादव के रांची में वकील देवर्षि मंडल ने कहा कि चौथे मामले में अभी जमानत याचिका दायर की जानी है।

क्या चुनाव से पहले जेल से बाहर आएंगे लालू यादव?
लालू यादव से जुड़ा चौथा मामला अधिक जटिल है क्योंकि मार्च 2018 में अदालत ने आईपीसी के तहत सात साल की सजा और पीसी एक्ट के तहत सात साल की सजा सुनाई थी और कहा था कि यह सजा 14 साल की होगी। बिहार चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने वाले हैं। लालू प्रसाद यादव की लीगल टीम की गणना है कि वह पहले से ही लगभग 40 महीने जेल में बिता चुके हैं, जिसमें प्री-ट्रायल की अवधि भी शामिल है।

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