नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में टेस्ट मैच के दूसरे ही दिन इंग्लैंड को हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की। इंग्लैंड ने भारत को जीत के सामने 49 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे कोहली की सेना ने बिना विकेट गंवाए बना लिया, जिससे अंग्रेजों को शर्मनाक 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।

ओवरऑल देखा जाए तो दिन के हीरो रहे अक्षर पटेल, जिन्होंने दोनों पारी में 10 विकेट चटकाते हुए अंग्रेजों के हौसले पस्त कर दिए। उन्होंने करिश्माई प्रदर्शन करने के बाद कहा- जब चीजें आपके लिए अच्छी जा रही हैं तो आपको थोड़ और मेहनत करने की जरूरत है। मेरा उद्देश्य विकेट टू विकेट बोलिंग करना और बल्लबाजों को ललचाना था। चेन्नै में गेंद स्किडिंग नहीं थी, लेकिन यहाँ यह है और इसलिए अधिक LBW भी हो रहे हैं।

85-90 kph से गेंदबाजी करने वाले इस बोलर ने एक दिन में गिरे 13 विकेटों के बारे में कहा- बहुत सारे टी-20 क्रिकेट के होने से टेस्ट में प्रभाव पड़ता है और साथ ही बल्लेबाज अधिक आक्रामक होते हैं। इसलिए गेंद की लाइन ठीक रखने से विकेट मिलने में आसानी होती है। अगर बल्लेबाज अच्छा बचाव कर रहा है तो आप बैक फुट पर जाते हैं, लेकिन अगर वह अच्छी तरह से बचाव नहीं कर रहा है और स्वीप और रिवर्स-स्वीप के लिए जा रहा है तो आपको लगता है कि एक मौका आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड की पहली पारी 112 रन पर सिमट गई जो इंग्लैंड का भारतीय जमीन पर टेस्ट मैच में दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले 1979-80 में मुंबई में हुए टेस्ट मैच में इंग्लैंड की पारी 102 रन पर ऑलआउट हुई थी, जो उसका भारत में टेस्ट में न्यूनतम स्कोर था।

इसके अलावा इंग्लैंड का भारत के खिलाफ टेस्ट का यह चौथा न्यूतनम स्कोर है। इंग्लैंड की पारी 1971 में द ओवल में खेले गए मुकाबले में 101 रन पर ऑलआउट हुई थी जो उसका भारत के खिलाफ टेस्ट में अबतक का न्यूतनम स्कोर है। इसके अलावा इंग्लैंड 1986 में लीड्स में हुए टेस्ट में 102 रन पर सिमटी थी जो उसका भारत के खिलाफ तीसरा न्यूनतम स्कोर है।

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