नई दिल्लीः मोटेरा के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इंग्लैंड को तीसरे टेस्ट मैच में भारत के हाथ करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड के लिए सबसे शर्मनाक हार इसलिए भी है कि दो दिन से पहले ही टीम हार गई। इंग्लैंड की हार से इंग्लिश खिलाड़ियों के उत्साह में कमी जरूर आई होगी, क्योंकि 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में भी टीम भारत से 2-1 से पीछे हो गई है।

मैच के बाद अब पूर्व व वर्तमान खिलाड़ी अपने-अपने विचार रख रहे हैं। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज इयान चैपल ने कहा कि भारत ने चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट में स्पिन खेलने में इंग्लैंड की कमजोरी की पहचान कर तीसरे टेस्ट में इसे अपने फायदे की तरह इस्तेमाल किया जिससे गुलाबी गेंद से मेहमान टीम दो दिन के अंदर मैच गंवा बैठी।

स्पिनरों अक्षर पटेल और रविचंद्रन अश्विन ने क्रमश: 11 और सात विकेट चटकाए जिससे इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 112 और दूसरी पारी में 81 रन पर ऑल आउट हो गयी और भारत ने 10 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया।

इससे पहले चेन्नई में दूसरे टेस्ट को भारतीय टीम ने 317 रन से जीता था। इस टेस्ट में इंग्लैंड की टीम दोनों पारियों में महज 134 और 164 रन ही बना सकी थी। चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो पर अपने कॉलम में लिखा, भारत ने टेस्ट में तीन स्पिनरों को खिलाने का फैसला क्योंकि चेन्नई की पिच पर जो रूट के अलावा कोई और बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका था।’

उन्होंने कहा, भारत ने इसका सही इस्तेमाल करते हुए उनकी मानसिकता को प्रभावित करते हुए इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की पारी सस्ते में इसलिए सिमटी क्योंकि उनके बल्लेबाजों को अपने रक्षात्मक खेल पर भरोसा नहीं था।

इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘जब स्पिन की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा, तो इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अपनी रक्षात्मक खेल पर भरोसा नहीं था, जिसके कारण उन्होंने भारतीय स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाने का प्रयास किया। वे क्रीज से बाहर निकल कर खेलने की जगह रिवर्स स्वीप का सहारा ले रहे थे जो इसका सटीक उदाहरण है।

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