Use of Adusa plant, it is very effective to avoid coronaअडूसा के पौधे का करें इस्तेमाल, कोरोना से बचने के लिए है बड़ा गुणकारी

आपने बहुत से झाड़ीदार पौधों के बारें में सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि झाड़ीदार पौधें में  फूल खिलते है। नाम सुने होगें एक पौधा ऐसा है जिसका नाम थोड़ा अजीब है। जी हां अडूसा एक झाड़ीदार पौधा है। इसके फूल सफेद होते हैं। यह पेड़ जड़ी-बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ये झाड़ीदार पौधा हमारें स्वस्थ्य के लिए काफी उपयोगी है। आपको बतादें कि झाड़ीदार पौधा श्वास संबंधी समस्याओं के इलाज में कारगर औषधि है। साथ ही अडूसा का पौधा कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रामबाण औषधि साबित हो सकता है।

झाड़ीदार पौधा हमारे कफ को पतलाकर कम करने का काम करता है। हालांकि, इसका सेवन करने से पहले आयुर्वेदाचार्य की सलाह ले लें।

सिर दर्द दूर सकता है अडूसा

सिर दर्द की समस्या को दूर करने के लिए झाड़ीदार पौधा अडूसा के फूल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए अडूसा के फूलों को सुखाकर इसके 10 ग्राम चूर्ण के साथ गुड़ मिलाकर चार बार लें।

आंखों को भी देता है राहत

झाड़ीदार पौधा अडूसा के 2 से 4 ताजे फूलों को पानी में गर्म करके आंखों पर कुछ देर के लिए रखें। ऐसा करने से आंखों की सूजन ठीक होती है। इसके अलावा आंखों के लाल होने की समस्या भी दूर हो जाती है।

मुंह के छालों को करता है दूर

अडूसा के दो से तीन पत्तों को चबाकर उसके रस को चूसने से छाले ठीक होते हैं। चबाए हुए पत्तों का रस चूसकर थूक देना चाहिए। दरअसल अडूसा पेट में ठंडक पहुंचाता है।

दांतों और मसूड़ों के दर्द में लाभकारी

अडूसा की लकड़ी से दातुन करने से दांतों और मसूड़ों की समस्या ठीक होती है। इससे नियमित दातुन किया जाए तो दांतों और मसूड़ों के दर्द में राहत मिलेगी।

श्वास रामबाण जड़ी बूटी

झाड़ीदार अडूसा के ताजे पत्तों का रस निकालने के बाद इसमें शहद मिलाकर चाटने से खांसी और सांस संबंधित समस्याएं ठीक होती हैं।

मासिक धर्म में सहायक

महिलाओं के मासिक धर्म में अनियमितता को ठीक करने के लिए भी अडूसा गुणकारी जड़ी-बूटी है। इसके लिए अडूसा के 10 ग्राम पत्ते, मूली और गाजर के बीज 6 ग्राम लेकर आधा लीटर पानी में उबालें।

मूत्र दोष की समस्या में लाभकारी

जिन लोगों को पेशाब ठीक से नहीं आती है। इसके लिए खरबूजे के 10 ग्राम बीज और अडूसा के 10 ग्राम पत्ते लेकर अच्छी तरह पीसकर खाने से इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।

मांसपेशियों का दर्द भी होता है दूर

झाड़ीदार अडूसा के पत्तों के रस में तिल के तेल को मिलाकर शरीर में दर्द वाले स्थान पर मालिश करने से हाथ पैर की ऐंठन ठीक होती है। के साथ पीसकर घाव पर लगाने से फायदा मिलता है.