गलवान झड़प में मारे गए थे 60 चीनी जवान, यूएस न्यूजपेपर का खुलासा!

नई दिल्ली: कोरोना काल में चीन का हरकत किसी से छुपी नहीं है। पिछले दिनों भारत और चीन के सीमा विवाद (Border Dispute) को लेकर झड़प हुई थी। अब लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प को लेकर अमेरिकी अखबार न्यूजवीक ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जवानों के साथ 15 जून को हुई झड़प में 40-45 नहीं बल्कि 60 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गलवान में हिंसा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इशारे पर हुई थी. जिसमें चीनी सेना पूरी तरह नाकाम रही।

घटना के पीछे यह है बड़ा कारण
रिपोर्ट में बताया गया कि कि चीन अपनी विफलताओं से और ज्यादा क्रोधित है। ऐसे में इसके दूरगामी परिणाम निकल सकते हैं। इस हार से बौखलाए राष्ट्रपति जिनपिंग अपनी फौज में विरोधियों को बाहर करने और अपने वफादारों को बड़े पदों पर बैठा सकते हैं। जिनपिंग इस हार से भारत के खिलाफ बड़े कदम उठाने के लिए भी उत्तेजित हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सीमा पर तनाव और बढ़ सकता है।

 

क्यों हुआ सीमा विवाद
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर 2012 में शी जिनपिंग के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव बनने के बाद से भारत से लगी सीमा पर चीनी सैनिकों की आक्रामकता बढ़ी है। जिनपिंग चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के अध्यक्ष और पार्टी महासचिव भी हैं। भारत और चीन में सीमा का निर्धारण नहीं है, चीनी सैनिक घुसपैठ के लिए इसी बात का फायदा उठाते हैं।

गौरतलब है कि फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के क्लिओ पास्कल के हवाले से न्यूजवीक ने लिखा कि रूस ने मई में ही चीन की हरकतों के बारे में भारत को बताया था। रूस के अनुसार, चीन तिब्बत के इलाके में पहले से ही युद्धाभ्यास कर रहा था। इसी कारण जब गलवान में 15 जून को झड़प हुई तो भारत चौंक गया। यह दुनिया के दो सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देशों में 45 साल में पहली भिड़ंत थी।

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