भैयाजी जोशी का दावा, ज्‍यादा दिन पूर्व सीएम नहीं रहेंगे फडणवीस

नई दिल्‍ली: आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी का एक बड़ा बयान सामने आया है। भैयाजी जोशी ने महाराष्‍ट्र की राजनीति को लेकर दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस लंबे समय तक पूर्व सीएम नहीं रहेंगे। नागपुर में भैयाजी जोशी ने कहा कि फडणवीस के भाग्य में ज्यादा वक्त तक विपक्ष का नेता बनना नहीं है, ये लोकतंत्र है, लोकतंत्र में ज्यादा-कम होता रहता है।

आरएसएस में नंबर दो माने जाने वाले भैय्या जी जोशी का यह बयान इन दिनों महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के बीच चल रहे विभिन्न मुद्दों पर मतभेद के चलते महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भैय्या जी जोशी के इस बयान पर नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने कहा, ‘जनता जब चुनाव करती है तो सत्ता परिवर्तन होता है। महाराष्ट्र में एक बार जब कोई सरकार चुनी जाती है तो वह 15 साल तक चलती है। तो वह 15 साल बाद की बात कर रहे हैं। अगर वह अभी की बात कर रहे हैं तो बीजेपी सपना देख रही थी और आरएसएस भी सपना देखे।’

भैयाजी जोशी के इस बयान के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शुक्रवार को सीएम उद्ध्‍व ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक घंटे मुलाकात की और उसके बाद उन्‍होंने सीएए और एनआरसी पर बयान दिया। उद्ध्‍व ठाकरे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि सीएए को लेकर किसी को डरने की जरूरत नहीं है। उस वक्‍त भी मैंने कहा था कि यह कानून किसी को देश से निकालने के लिए नहीं है, मैंने अपने प्रदेश के सभी नागरिकों को यह वादा किया है कि किसी के भी अधिकार को छीनने नहीं दूंगा। सीएए आ गया तो किसी को डरने की जरूरत नहीं है। एनआरसी को लेकर भी मुसलमानों को डराया जा रहा है, जो सही नहीं है। यह हिंदू और मुसलमान सभी के लिए है और इसके लिए सभी लोगों को कतार में खड़ा होना पड़ेगा। जो भी लोग सीएए और एनआरसी के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं, उनको यह समझने की आवश्‍कता है।

आपको बता दें कि महाराष्‍ट्र में शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से सरकार बनाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि कांग्रेस और शिवसेना की राय सीएए व एनआरसी पर अलग-अलग है तो क्‍या दोनों के बीच रिश्‍तों में तनाव पैदा हो सकता है। जानकारों की माने तो उद्ध्‍व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक घंटे की मुलाकात की और उसके बाद एक प्रेस कांफ्रेंस करके सीएए व एनआरसी पर अपना रुख साफ किया। हालांकि उद्ध्‍व ने सोनिया गांधी से भी एक घंटे मुलाकात की थी, लेकिन इसको लेकर उन्‍होंने कोई बयान नहीं दिया। अब कयास यह लगाए जा रहे है कि सीएए और एनआरसी पर शिवसेना का यही रुख रहता है तो आने वाले दिनों में उद्ध्‍व के लिए राह मुश्किल होगी।

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