नई दिल्लीः अपने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के सात लोगों की जघन्य तरीके से हत्या करने वाली दोषी महिला शबनम को फांसी देने का समय नजदीक आ गया है। आजादी के बाद शबनम ऐसी पहली महिला होगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा। फांसी देने के लिए उत्तर प्रदेश की मथुरा जेल को चिंहित किया गया है। महिलाओं के फांसी घर के मरम्मत की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक यहां शबनम नाम की महिला अपराधी को फांसी की सजा दी जा सकती है। हालांकि जेल अधीक्षक ने फांसी दिए जाने की जानकारी से मना कर दिया है। महिलाओं की फांसी के लिए प्रदेश में यह एकमात्र जेल है। हालांकि यहां आजादी के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है।

मथुरा जेल में 1870 में फांसी घर बनाया गया था। लेकिन जेल में मौजूद रेकॉर्ड के अनुसार आजादी के बाद से इस फांसी घर का प्रयोग नहीं किया गया है। मथुरा जेल में अब एक बार फिर जीर्ण-शीर्ण हो चुके फांसी घर को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

  • जेल अधीक्षक ने फांसी को लेकर दी बड़ी जानकारी

फांसी घर को दुरुस्त करने के लिए जेल अधीक्षक ने अपने आला अधिकारियों को पत्र लिखा है। जेल अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय ने बताया है कि उनके पास शबनम को फांसी दिए जाने के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि फांसी घर की स्थिति खराब हो गई थी, जिसे दुरुस्त कराने के लिए पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि रस्सी का भी ऑर्डर दिया गया है।

वहीं, जेल सूत्रों के मुताबिक अमरोहा की रहने वाली महिला शबनम को दी जाने वाली संभावित फांसी के लिए इसे दुरुस्त किया जा रहा है। अमरोहा की रहने वाली शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर 15 अप्रैल 2008 को 7 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। शबनम ने अपने माता-पिता, दो भाई, भाभी, मौसी की लड़की, भतीजे की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी।

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