These rules related to changing bank account after June 30

नई दिल्ली: कोरोना काल में मिली आप को बैंक अकाउंट से जुड़ी छूट की मियाद खत्म होने जा रही है। बता दे कि मार्च के अंतिम सप्ताह में पहली बार देशभर में लॉकडाउन हुआ था। इसी के चलते वित्त मंत्री ने करोड़ों बैंक अकाउंट होल्डर्स को कई तरह के राहतें दी थी। वित्त मंत्री के अनुसार, किसी भी बैंक सेंविंग्स अकाउंट में तीन महीनों के लिये ‘औसत न्यूनतम बैलेंस’ (AMB- Average Minimum Balance) रखने की अनिवार्यता नहीं होगी।

दरअसल इसकी मियाद, यह अप्रैल, मई और जून के​ लिये लागू हुआ था। अभी तक वित्त मंत्रालय या किसी भी बैंक की तरफ से इस बारे में स्पष्टता नहीं मिली है कि इस छूट को आगे भी बढ़ाया जायेगा या नहीं।

सरकार के इस फैसले के पीछे का मकसद लोगों को कोरोना लॉकडाउन में राहत देने का था। ऐसे में अगर इन तीन महीनों के दौरान किसी बैंक अकाउंट (Savings Bank Account) में औसत न्यूनतम बैलेंस नहीं रहता है तो बैंक इसपर पेनाल्टी नहीं वसूल सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि हर बैंक अपने हिसाब से न्यूनतम बैलेंस तय करता है। इन औसत रकम को हर महीने अकाउंट में मेंटेन करना होता है। ऐसा नहीं करने पर बैंक ग्राहकों से पेनाल्टी वसूलता है। लेकिन, अब तक इस छूट को जून से आगे बढ़ाने के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

वही इसके अलावा, औसत न्यूनतम बैलेंस के साथ ही केंद्र सरकार ने एटीएम से कैश विड्रॉल (ATM Withdrawal Charge) पर लगने वाले चार्ज से भी राहत दी थी। वित्त मंत्री ने कहा कि डेबिट कार्ड होल्डर्स तीन महीनों के लिए किसी भी बैंक के एटीएम से कैश विड्रॉल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई चार्ज नहीं देना होगा। इस दौरान वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया था कि यह फैसला इसलिये लिया गया है ताकि कैश निकालने के लिए कम से कम संख्या में लोग बैंक शाखाओं में जायें।

ऐसे में बैंक अपने दरों के अनुसार, फिर से औसत न्यूनतम बैलेंस को न मेंनटेन करने पर चार्ज वसूलेंगी।