नई दिल्लीः केंद्र सरकार द्वारा ज्वेलरी के आयात पर कस्टम ड्यूटी कम किया गया है तभी से भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमत नीचे गिरती जा रही है। सोना-चांदी के लुढ़कते दाम के बीच खरीदारों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। सुनसान पड़े बाजारों में खरीदारों की चहल पहल दिखाई दे रही है।

अगर आपके घर में शादी या सगाई है और आप ज्वेलरी खरदीना चाहते हैं तो इससे शानदार मौका कोई सा नहीं हो सकता। सोने की कीमत पर नजर रखने वालों ने निवेश को लेकर कहा है कि 2021 के दो महीनों में सोने की कीमत में करीब 4500 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमत में 800 रुपये ही कम हुए हैं।

सोने में निवेश करना अभी लाभदायक है। सात महीनों पर सोने की कीमत पर नजर डालें तो ये करीब 10 हजार रुपये से अधिक सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी के दाम में 13 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इधर फरवरी के अंतिम कारोबारी दिन वैश्विक बाजारों में बिकवाली के रुख के समाचारों से दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को बहुमूल्य धातुओं में नरमी देखी गई।

स्थानीय बाजार में सोने का भाव 342 रुपये की गिरावट के साथ 45,599 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज मुताबिक चांदी भी 2,007 रुपये की भारी गिरावट के साथ 67,419 रुपये प्रति किलो ग्राम पर थमी।

वहीं, दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 दिसंबर को को सोने की कीमत 235 रुपये की तेजी के साथ 49,675 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी। चांदी के दाम भी 273 रुपये बढ़कर 67,983 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी थी। इन दिनों कोरोना वैक्सीन को लेकर चर्चा चल रही थी। यही वजह रही थी कि पीली धातु के भाव में मजबूती दिखी थी।

यदि आपको याद हो तो सोने ने पिछले साल अगस्त के महीने में अपना ऑल टाइम हाई छू लिया था। इस वक्त की बात करें तो सोना 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा पहुंचा था। तब से अब तक की कीमत पर नजर डालें तो सोना करीब दस हजार रुपये सस्ता हुआ है। चांदी ने भी अगस्त में अपना ऑल टाइम हाई छूने का काम किया था। वह 77,840 रुपये प्रति किलो के करीब जा पहुंची थी।

Recent Posts