केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बहुत बड़ी खबर है। 18 महीने के उनके बकाये के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केन्द्र सरकार ने इसके बाबत राज्य सभा में बयान दिया है। सरकार ने कहा कि वित्तीय प्रभाव के चलते केंद्रीय कर्मचार्यों को महंगाई भत्ता और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत का एरियर को जारी करना उचित नहीं समझा गया।

एरियर देने से नहीं है इनकार

सरकार ने इस बाबत जानकारी देते हुए कहा है कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की तीन किस्तों को रोक देने का निर्णय कोविड-19 के कारण जो आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ इसके चलते लिया गया ताकि सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम किया जा सके।

वित्तराज्य मंत्री ने सदन में कहा कि कर्मचारीयों के जो 18 महीने का बकाया है उसे जारी नहीं किया गया है। हालांकि इसे लेकर सरकार ने भविष्य की कोई बात नही की है कि आगे इस राशी को जारी किया जायेगा या नहीं।

राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने सदन को बताया कि 2020 में महामारी के प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव और सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी उपायों के कारण इसका वित्तीय प्रभाव वित्त वर्ष 2020-21 के बाद भी बना रहा है।

मौजूदा समय में कर्मचारीयों को 38 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिलता है। लेकिन उन्हें ये 18 महीने से नहीं मिल पाया है।