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सुकन्या समृद्धि योजना के निवेशकों के लिए आई गुड न्यूज़, सरकार कर रही जा रही है महत्वपूर्ण ऐलान

नई दिल्ली: अगर आप भी छोटी बचत योजनाओं पीएफएफ,सुकन्या समृद्धि योजना या फिर एनपीसी के साथ-साथ किसान विकास पत्र आदि के अंदर निवेश कर देते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ही खुशनुमा हो सकती है। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सरकार सितंबर तिमाही में सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ की
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सुकन्या समृद्धि योजना के निवेशकों के लिए आई गुड न्यूज़, सरकार कर रही जा रही है महत्वपूर्ण ऐलान
सुकन्या समृद्धि योजना के निवेशकों के लिए आई गुड न्यूज़, सरकार कर रही जा रही है महत्वपूर्ण ऐलान

नई दिल्ली: अगर आप भी छोटी बचत योजनाओं पीएफएफ,सुकन्या समृद्धि योजना या फिर एनपीसी के साथ-साथ किसान विकास पत्र आदि के अंदर निवेश कर देते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ही खुशनुमा हो सकती है। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सरकार सितंबर तिमाही में सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ की ब्याज दरों में बदलाव करने जा रही है। इसका सीधा फायदा छोटी बचत योजनाओं के निवेश करने वालों के निवेशक ऊपर पड़ने वाला है।

रेपो रेट में आएगी 1.40 फ़ीसदी की वृद्धि

रिकॉर्ड स्तर पर चल रही महंगाई और बैंकों की ब्याज दर के अंदर वृद्धि होने के बीच में सरकारी बचत योजनाओं पर पहले से भी ज्यादा ब्याज मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है।सरकार की ओर से किए हुए बदलाव को 1 अक्टूबर से लागू किया जाने वाला है। आरबीआई की ओर से तीन बार में रेपो रेट में 1.40 फ़ीसदी तक की वृद्धि की गई है। जिसके बाद में विभिन्न बैंकों में एफडी और आर डी के ब्याज दरों में इजाफा भी कर दिया है।

30 सितंबर को की जाएगी ब्याज दरों की समीक्षा

आने वाले 30 सितंबर को स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दरों की समीक्षा होने वाली है। यह समीक्षा अक्टूबर से दिसंबर 2022 की तिमाही के लिए होने वाली है। सरकार की ओर से बचत योजनाओं पर इस बार ब्याज दर बढ़ने की पूरी उम्मीद लगाई जा रही है। पिछले काफी वक्त से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

क्यों हो रहा है ब्याज दर में बदलाव

सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज को बढ़ाने के पक्ष में बैंक और आरबीआई दोनों मौजूद है। आरबीआई ने मई से लेकर अब तक तीन बार रेपो रेट में वृद्धि कर दी है। साथ ही यह फिलहाल 5.4 प्रतिशत तक हो रखा है। आने वाले वक्त में इसके 25 बेसिस प्वाइंट और बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। लेकिन सरकार की ओर से बचत योजनाओं पर किसी भी तरीके का बदलाव नहीं हुआ है। इसीलिए यह पूरी संभावना लगी हुई है कि पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाला रिटर्न के अंदर वृद्धि आ जाएगी।

हर तिमाही में रिवाइज होती हैं ब्याज की दरें

सरकार की ओर से इस स्माल सेविंग स्कीम पर ब्याज की हर 3 महीने में समीक्षा होती है। इस समीक्षा के समय पर ब्याज दर को बढ़ाने और घटाने या फिर स्थिर रखने पर फैसला होता है। वित्त मंत्रालय की ओर से इन ब्याज दरों को तय कर दिया जाता है।

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