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ब्याज दर में वृद्धि होने से पहले ही सुकन्या समृद्धि योजना में हो चुके हैं 5 बदलाव, जल्दी से निवेशक जाने पूरी डिटेल

नई दिल्ली : अगर आप भी अपनी लाडली के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना के अंदर निवेश कर रहे हैं। अगर यह सच है तो इसके अंदर होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है। सितंबर के महीने में खत्म होने वाली तिमाही पर
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ब्याज दर में वृद्धि होने से पहले ही सुकन्या समृद्धि योजना में हो चुके हैं 5 बदलाव, जल्दी से निवेशक जाने पूरी डिटेल
ब्याज दर में वृद्धि होने से पहले ही सुकन्या समृद्धि योजना में हो चुके हैं 5 बदलाव, जल्दी से निवेशक जाने पूरी डिटेल

नई दिल्ली : अगर आप भी अपनी लाडली के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना के अंदर निवेश कर रहे हैं। अगर यह सच है तो इसके अंदर होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है।

सितंबर के महीने में खत्म होने वाली तिमाही पर सरकार की ओर से ब्याज दर में बढ़ोतरी का ऐलान कर देने की उम्मीद लगाई जा रही है। केंद्र के बेटियों के लिए चलाई जाने वाली इस योजना के अंदर फिलहाल 7.60 प्रतिशत तक की ब्याज दर होती है। इसके अंदर निवेश करने पर आपको सेक्शन 80c के अनुसार आयकर भी से भी छूट मिल जाती है। तो चलिए जानते हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंदर पांच बदलाव कौन-कौन सी हुए हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना के नए नियमों की मानें तो खाते के अंदर गलत तक ब्याज डालने पर उसे वापस पलटने का प्रावधान हटा दिया गया है। इसी के साथ साथ खाते का साल में ब्याज हर वित्त वर्ष के अंत में क्रेडिट कर दिया जाएगा। पहले यह तिमाही आधार पर खाते के अंदर क्रेडिट हो जाता था।

पूर्व के नियमों की मानें तो बेटी 10 साल में खाते को ऑपरेट कर पाती थी। लेकिन अब नए नियमों के अनुसार बदलाव कर दिए गए हैं। अब 18 साल की उम्र से पहले बेटियों को खाता ऑपरेट करने की मंजूरी नहीं मिलेगी। 18 साल की उम्र से पहले तक अभिभावक ही खाते को ऑपरेट कर पाएंगे।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट में साल में कम से कम ₹250 और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ लाखों रुपए तक जमा करवाने का प्रावधान बनाया गया है। न्यूनतम राशि जमा नहीं किए जाने पर अकाउंट डिफॉल्ट केटेगरी में भेज दिया जाता है। नए नियमों के अनुसार खाते को दोबारा एक्टिव नहीं कराने पर मैच्योर होने तक खाते में जो भी जमा राशि है उस पर दर से ब्याज प्राप्त हो जाता है। लेकिन ऐसा पहले नहीं किया जाता था।

पहले नियमों की माने तो दो बेटियों के खाते पर ही 80 सी के तहत टैक्स छूट का लाभ प्राप्त होता था पूर्णविराम लेकिन अब नए नियमों की मानें तो तीसरी बेटी के जन्म पर भी सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खोल सकते हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि आप पहली बेटी के बाद में होने वाली दो जुड़वा बेटियों के लिए खाता खोलने का प्रावधान बना हुआ है। इस पर एक व्यक्ति तीन बेटियों के लिए खाता आराम से खोल पाएगा।

सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट को पहले बेटी की मौत या फिर बेटी के रहने का पता बदलने पर बंद कर दिया जा सकता था। लेकिन अब खाताधारक की जानलेवा बीमारी को भी इसके अंदर शामिल कर दिया गया है। अभिभावक की मौत हो जाने पर समय से पहले अकाउंट बंद कर सकते हैं।

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