नई दिल्लीः कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दुनियाभर की ऑटो कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान से गुजरना पड़ा था, जिससे लाखों कर्मचारियों की सैलरी कटी और नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। जैसे-जैसे अनलॉकडाउन की प्रक्रिया शुरू हुई तो ऑटो जगत ने भी राहत की सांस ली। कंपनियां अब नुकसान की भरपाई करने को नए-नए वाहनों को बाजार में पेश कर रही हैं। कंपनियों का मकसद किसी तरह से नुकसान की भरपाई करना है। आपसे कोई सवाल करे कि ई-साइकिल का वजन कितना होगा, कहेंगे 15-20 किलो तक आराम से।

ऐसा इसलिए क्योंकि ई साइकिल में बैट्री भी लगी होगी। एक तो साइकिल का खुद का वजन और ऊपर ई बैटरी का, लेकिन यदि आपसे कोई कहे कि दुनिया में ऐसी भी ई-साइकिल है जिसका वजन साढ़े आठ किलो है, तो सुनकर एक बार हैरानी तो जरूर होगी। उससे भी ज्यादा इसे देखकर चकित रह जाएंगे, क्योंकि यह कही से भी ई- साइकिल नहीं बल्कि आम साइकिल की तरह ही दिखती है।

इसे मोनैको (फ़्रांस और इटली के बीच स्थित दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश है मोनैको) की एसचपीएस बाइक ने तैयार किया है, जिसे एसचपीएस डोमेस्टिक ने नाम दिया है। HPS Domestique 1-21 फिलहाल इसे लिमिटेड एडिशन के तहत सिर्फ 21 ई- साइकिल बनाई गई है, जिसे कंपनी अपनी वेबसाइट के जरिए ही बेच रही है।

  • आधा घंटे की चार्जिंग में चलेगी इतनी

ये ई साइकिल सिर्फ आधे घंटे की चार्जिंग में लगातार डेढ़ घंटे तक दौड़ेगी। इसमें लगी 85 किलोवाट की बैटरी लगी है, जिसका वजन भी सिर्फ 1.2 किलोग्राम है। ई साइकिल में 200 वाट की पावर है जो कि 20 का टार्क जनरेट करती है, जिसकी बैटरी भी एक बॉटल के अंदर दी गई है। यह साइकिल 25 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती है।

  • जानिए कीमत कितनी

जब ई-साइकिल इतनी खास है तो कीमत भी उतनी ही खास होगी, बिल्कुल कंपनी ने इस ई-साइकिल की कीमत 14500 डॉलर रखी है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से दस लाख 15 हजार यानि इतने में हम किआ सोनेट भी खरीद सकते है। हालांकि इसके पीछे वजह यह भी है कि कंपनी ई-साइकिल में फॉर्मूला वन कारों में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग का प्रयोग किया है। कंपनी अपने हिसाब से भी ई-साइकिल डिजाइन करवाने का ऑप्शन देती है।

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