नई दिल्लीः कोरोना काल में ऑटोमोबाइल कंपनियों को बड़़ा आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ा है, जिसकी वजह से कंपनियों ने लाखों कर्मचारियों की सैलरी काट दी व नौकरी से भी निकाल दिया। जैसे-जैसे अनलॉकडाउन की प्रक्रिया चली तो ऑटो कंपनियों ने भी अपना दम दिखाना शुरू किया। जहां एक तरफ ऑटो इंडस्ट्री नुकसान में चली गई वहीं मारुति सुजुकी को बड़ा फायदा हुआ है।

मारुति सुजुकी इंडिया ने लगातार चौथी बार अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा है। यह रिकॉर्ड है देश में पैसेंजर व्हीकल्स की कुल बिक्री में आधी से अधिक हिस्सेदारी का। 2020 में अनोखी बात यह रही कि कंपनी ने डीजल कारों की बिक्री बंद करने के बावजूद 50 फीसदी मार्केट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। कुछ समय पहले तक कंपनी की कुल बिक्री में 30 फीसदी हिस्सा डीजल सेगमेंट का होता था।

मारुति सुजुकी ने किया और एमजी मोटर की ओर से मिल रही चुनौती के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की है। भारतीय कार बाजार में मारुति का दबदबा इसलिए भी अहम है क्योंकि उसके पास मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में कोई मेजर मॉडल नहीं है। इस सेगमेंट में हुंडई मोटर और किया ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है।

वहीं, मारुति की अब छोटी कारों के बाजार में 67 फीसदी हिस्सेदारी, सेडान में 50 फीसदी, मल्टीयूटिलिटी वीकल्स में 55 फीसदी, एसयूवी में 14 फीसदी और वैन सेगमेंट में 98 फीसदी हिस्सेदारी है। कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदरी पिछले 4 साल में 11 फीसदी बढ़कर 64 फीसदी पहुंच चुकी है। हालांकि एसयूवी सेगमेंट में मारुति की हिस्सेदारी घटकर 14 फीसदी रह गई है जो 2018 में 26 फीसदी थी।

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