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Vastu Tips: पढ़ाई में पीछे रह जाता है बच्चा? तो इस दिशा में लगाए स्टडी टेबल, खूब लगेगा पढ़ाई में मन

 Vastu Tips For Child: वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चे  जहां पढ़ते हैं वहां पर किसी भी प्रकार का वास्तु दोष नहीं होना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि वास्तु दोष होने पर बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। इतना ही नहीं बच्चों को कई तरह की गंभीर परेशनियों का सामना भी करना पड़ जाता है। 
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 नई दिल्ली - वास्तु में दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। अगर गलत दिशा में स्टडी रूम होता है तो इसका गलत प्रभाव बच्चों के पढ़ाई पर पड़ता है और इससे वास्तु दोष पड़ता है। हर माता-पिता की अक्सर यह शिकायत रहती है कि उनके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है और बच्चा पढ़ाई से बहाने बनाकर भागता रहता है। हर बच्चे की बौद्धिक क्षमता अलग होती है। कुछ बच्चे पढ़ाई में समान कुछ बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे तो कुछ बच्चे बहुत मेहनत करने के बावजूद भी लगातार पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं और यह समस्या उनके मेहनत के बावजूद भी उन्हें अच्छा नंबर नहीं लाने पर निराश करती है और उनके भविष्य को खतरे में डाल सकती है। ऐसे में आज इस लेख में स्टडी रूम से जुड़े खास बदलाव के बारे में बताने जा रहे हैं।
 
किस दिशा में होनी चाहिए स्टडी टेबल
 
1.बच्चे के पढ़ाई के लिए पूर्व और उत्तर दिशा को बहुत शुभ माना गया है इसमें आप स्टडी टेबल को भूल कर भी दक्षिण या पश्चिम में ना रखें। इसके बजाय आप इसे उत्तर या फिर पूर्व दिशा की ओर रखें। साथ ही आप बच्ची के स्टडी टेबल पर बहुत सारी किताब ना रखें इससे ज्यादा किताब देखकर बच्चा बोर हो सकता है।
 
2.बच्चे के पढ़ने के कमरे को उत्तर पूर्व या फिर पूर्व दिशा में बनाना चाहिए। बच्चे के स्टडी रूम में स्टडी टेबल पूर्व की ओर देवी सरस्वती की तस्वीर स्टडी टेबल पर लागाएं साथ ही कांच का ग्लोबल रखें। स्टडी रूम में जूते चप्पल नहीं रखना चाहिए।
 
3.स्टडी रूम के पूर्वी उत्तरी भाग में बनवाने से बच्चे का मन पढ़ाई में लगता है और उसकी बौद्धिक क्षमता जागृत होती है स्टडी टेबल के सामने शीशा न लगाएं इससे बच्चे का मन पढ़ाई से भटकता है।