450 साल पुरानी इस डेड बॉडी में सुई चुभाने पर निकला था खून, जानें रहस्य

यह तो हम सब ही जानते हैं कि इंसान की मौत के साथ ही उसके शरीर का खून भी ठंडा पड़ जाता है और सूख जाता है, लेकिन यह कहानी पढ़कर आप भी चौंक जाएंगे। गोवा के पणजी में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस नामक चर्च में पिछले 450 सालों से सेंट फ्रांसिस जेवियर की बॉडी रखी हुई है। कहा जाता है कि सेंट फ्रांसिस जेवियर की बॉडी में आज भी दिव्य शक्तियां है, जिसकी वजह से मौत के 450 साल बाद भी उनका शव सड़ा नहीं है।
सेंट फ्रांसिस जेवियर, संत से पहले एक सिपाही थे। वे इग्नाटियस लोयोला के स्टूडेंट थे।

बता दें कि इग्नाटियस ने ‘सोसाइटी ऑफ जीसस’ नाम की धार्मिक संस्था शुरू की थी। उनकी मौत एक समुद्री यात्रा के दौरान हुई थी। ऐसा कहा जाता है कि सेंट जेवियर ने अपनी मौत से पहले शिष्यों को उनका शव गोवा में दफनाने को कहा था।

उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका पार्थिव गोवा में दफनाया गया, लेकिन कुछ सालों बाद रोम से आए संतों के डेलिगेशन ने उनके शव को कब्र से बाहर निकालकर फ्रांसिस जेवियर चर्च में दोबारा दफनाया। कहा जाता है कि उनके शव को कुल तीन बार दफनाया गया, लेकिन हर बार उनका शव पहली बार जितनी ही ताजा अवस्था में मिला।

एक कहानी यह भी प्रचलित है कि संत ने मौत से पहले दिव्य शक्तियों से अपना हाथ शरीर से अलग कर दिया था। यह हाथ उन्होंने अपनी पहचान के तौर पर रोम से आने वाले संतों के डेलिगेशन के लिए रखा था। आज भी यह अलग हुआ हाथ चर्च में ही मौजूद है। ऐसी कहानी भी प्रचलित है कि एक महिला ने सेंट फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी के पैर पर सुई चुभोई तो उसमें से खून निकला। यह खून भी तब निकला जब उनकी बॉडी को सूखे सैकड़ों साल हो गए थे।

सेंट फ्रांसिस जेवियर की बॉडी आज भी बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस के चर्च में रखी हुई है।  गोवा के जर्नलिस्ट फ्रेडी अल्मेडा के मुताबिक, हर 10 साल में ये बॉडी दर्शन के लिए रखी जाती है। 2014 में आखिरी बार इस बॉडी को दर्शन के लिए निकाला गया था। बॉडी को कांच के एक ताबूत में रखा गया है। आज भी ये बॉडी सड़ी नहीं है।

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